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Hi everyone as u know this is not my first post.Actually when I started using wordpress I don’t know much about it. A friend recommend me to use this so I started using this. I don’t know I have to introduce myself firstly. So, now I’m introducing myself..

Myself, Prabhat Kumar. Currently I’m studying in 1st yr.as an engineering student. I like to write shayri and poems. I love to listen music. Biking is my passion. I want to learn guitar..And many thing else. If u lyk my shayri and poems than u can lyk and comment on it and u want to give any suggestions I welcome u. That’s all. Thank u for reading this.

Thank you.

Prabhat

post

#Shayrism…

“मैं ग़म के रिश्ते को शायद बख़ूबी निभाता हूँ,

शायद इसलिए खुशियाँ अभी थोड़ी ख़फ़ा है मुझसे…।”

“यूँ तो शायरी बस यूँहीं लिखी जाती है,

लगता है आजकल सच्चे इश्क़ बस यूँहीं बयाँ की जाती है..।”

“अब अंदाज़ ए ख़ास उनका क्या बयाँ करें…

बस ज़ब काम आया तो हाल चाल जान लिया,

जब मतलब निकल गया तो हम आपके हैं कौन..।”
Thanks….

#ख़ुशनसीबी

हमने तो आज़ भी उन्हें अपनी यादों में ज़िंदा रख़ा है,

पर ना जाने क्यों वो हमें ही मरा समझ बैठी हैं…

हमने तो उनके ख़तों को आज़ भी अपने दिल से लगा कर रखा है,

पर ना जाने क्यों वो हमें ही अपने दिल से बाहर निकाल फेंकीं हैं…

हम तो आज़ भी उनकी चाहत के लिए अपनी ज़िंदगी क़ुर्बान करने को तैयार बैठे हैं,

हम तो आज़ भी उनकी चाहत के लिए अपनी ज़िंदगी क़ुर्बान करने को तैयार बैठे हैं,

और मेरी ख़ुशनसीबी तो देखिए,

और मेरी ख़ुशनसीबी तो देखिए,

उन्होंने भी हमसे कहा है कि…

जाओ जाकर कहीं मर जाओ तुम्हारे जैसे यहाँ बहुत देखे हैं.

तुम्हारे जैसे यहाँ बहुत देखे हैं..।

Thanks.

क्या यही #ज़िन्दगी है??

We know our education system well. I mean in class 11th and 12th, we are like machines which have to work continuously without any break, only focus on studies. We don’t have any tym to go anywhere and do anything else. And after 12th, competition for college and all that. That’s why after my college 1st sem exams 15 days holidays is like a relief. That’s why we can go anywhere….
ये क्यों हुआ पता नहीं, पर मैं दादी के यहाँ घूमने यूहीं निकल पड़ा..

मेरे मन में आज़ भी उनकी धुँधली धुँधली सी तस्वीर है..

वो प्यारी सी मुस्कान है,

वो चमकती आंखें हैं..।

ऐसा नहीं,

ऐसा नहीं है कि मैं अब उनको भूल गया..

बस अपनी पढ़ाई में शायद उनका साथ ज़रा सा छूट गया..

आज़ भी उनका दुलारना मुझे अच्छी तरह याद है..

पापा से डांट खाने के बाद उनका पुचकारना भी अच्छी तरह याद है,

चाहे वो लंबी सी कहानी हो जो वो मुझे सोने के लिए सुनाया करती हो,

या फ़िर सुबह उठाने के लिए मेरे चेहरे पे हाथ फेरना हो..

आज़ भी मुझे सब अच्छी तरह याद है..।

जैसे ही वहाँ गया, घर के बाहर ही खुशबू बड़ी अच्छी आ रही थी,

शायद मेरी दादी आज़ भी मेरे लिए कुछ ख़ास बना रही थी,

मुझे देखते ही उनकी आँखों से आँसूं छलक पड़े,

अब वो थोड़ी बुढ़ी हो गईं हैं, उन्हें देख कर ऐसा लगा,

फिर मैं प्यार से जा कर उनके गले लग पड़ा,

ऐसा लगा जैसे डर के मेरी थकावट मेरे से दूर हो गई,

थोड़ी देर वहीं बैठ कर उनसे बहुत सारी बातें की,

बड़ी खुश हैं आज़ वो उन्हें देख कर ऐसा लगा,

फिर अचानक,

फिर अचानक से मेरी नज़रें उनकी आँखों पर गई,

ना जाने एक अज़ीब सा दर्द छलकता है उनकी आँखों में,

ये शायद जीवन का चक्र है या फिर अपनों से दूर होने की तकलीफ या फिर कुछ और…

पर उनके चेहरे की मुस्कुराहट आज़ देखते ही बन रही है,

उनके चेहरे पे मुस्कान जैसे सुबह की रोशनी नई उम्मीद बिखेर रही है,

उनका सिर पर हाथों को फेरना जैसे मेरे मन से सारी परेशानी ग़ायब सी हो गई,

एक फ़ोन आया…”आपका कॉलेज फिर से शुरू हो रहा है”

दादी वहीं बैठी सब सुन रही थी…”अगली बार फिर से आना”…वो बोली..

एक अज़ीब सा दर्द हो रहा था आज दिल में,

आँखों से आँसूं आज मेरे छलक रहे थे,

मन में सवाल उठ रहा था क्या ये सही है,

क्या यही ज़िन्दगी है,

क्या अपनों से दूर जाना ज़रूरी होता है,

और अगर होता भी है तो क्यों?????…

Thanks.

Prabhat Kumar.

#Happy New Year

जिंदगी हमें हर पल कुछ नया सिखाती है,

बीतते दिन के साथ हमें जीने का नया तरीका बताती है,

हम, आप और लोग यूहीं मिलते रहेंगे हर दिन,

हम, आप और लोग तो यूहीं मिलते रहेंगे हर दिन,

बस नए साल में आपकी जिंदगी में थोड़ा ज़्यादा उत्साह हो,

थोड़ी ज़्यादा उमंग हो,

थोड़ी ज़्यादा ख़ुशी हो,

इसी उम्मीद के साथ आप सबको नए साल की शुभकामनाएं देते हैं।

HAPPY NEW YEAR..

गुफ़्तगू ना सही…

हमने क्या खोया उनसे ख़फ़ा होके,

या उन्होंने क्या पा लिया हमसे जुदा होके..

क्या पता साथ होते तो थोड़ी गुफ़्तगू होती,

और अगर गुफ़्तगू ना भी होती,

और अगर गुफ़्तगू ना भी होती,

तब भी इस दिल में दर्द तो नहीं हुआ होता..

दिल में दर्द तो नहीं हुआ होता..।

Living lyf without any worry is a worry..

Hello everyone..

My exams successfully over…Now I have nothing to worry about…But I think isn’t this a worry that I have nothing to worry about.????
“Actually, before my exam started. I was thinking, how soon it will get over because after that I’m all free…I can do whatever I want…Bt now it’s over and I have to think about what I have to do now..???? Nothing.”
We always thinks, when we will get rid of any problem, so that we can live free and live our life with sooo ease..BUT  isn’t this make our life so boring???
Problem is lyk a challenge and if this is not in our life than we live our life ‘without any excitement’…And this is not good….Specially for me. So live lyf with full of excitement.

I think “ye kuch jyada ho gya😊”

BTW…Exams over….Yay.

#See u soon…

सुना है कुछ तारें गर्दिश में होते हैं,

लोगों की नज़रों से बंदिशें कर लेते हैं..

पर आप लोग अपनी ज़िंदगी की मुस्कुराहटों पे कभी बंदिशें मत लगाना,

बस हम भी अपने exams के बाद जल्द लौटते हैं…।
See u soon after 1st sem exams…